ढाबे के मालिक की हत्या मामले में 11वां आरोपी गिरफ्तार, पुरानी दुश्मनी का था मामला
दीपेंद्र के भाई रोहित ने पुलिस को बताया था कि उनका भाई 'झोपड़ी ढाबा' चलाता था। 15 अप्रैल 2025 की रात करीब 11:55 बजे, तीन नकाबपोश लोग मोटरसाइकिल पर आए। उनमें से एक बाइक पर ही रुका, जबकि दो ने दीपेंद्र को गोली मार दी।

Gurugram News Network – गुरुग्राम के जाटौली गांव में 16 अप्रैल 2025 को एक ढाबे के मालिक दीपेंद्र उर्फ मोनू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच जारी रखते हुए अब एक और आरोपी को पकड़ा है। यह इस केस में 11वीं गिरफ्तारी है।
पकड़े गए आरोपी का नाम अमित कुमार उर्फ शितुल है, जो जाटौली पटौदी, गुरुग्राम का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, अमित इस हत्या की पूरी योजना बनाने में शामिल था।

16 अप्रैल को पुलिस को खबर मिली थी कि जाटौली के झोपड़ी होटल में गोली चली है। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि मोटरसाइकिल पर आए तीन लड़कों ने 37 साल के दीपेंद्र उर्फ मोनू को गोली मार दी थी और उत्तर प्रदेश के महेंद्र को भी चोटें लगी थीं। परिवार वाले दोनों को तुरंत पटौदी के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां दीपेंद्र उर्फ मोनू को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि महेंद्र को गुरुग्राम रेफर कर दिया गया।
दीपेंद्र के भाई रोहित ने पुलिस को बताया था कि उनका भाई ‘झोपड़ी ढाबा’ चलाता था। 15 अप्रैल 2025 की रात करीब 11:55 बजे, तीन नकाबपोश लोग मोटरसाइकिल पर आए। उनमें से एक बाइक पर ही रुका, जबकि दो ने दीपेंद्र को गोली मार दी। जाते हुए उन्होंने महेंद्र को भी चोट पहुंचाई। रोहित ने शिकायत में कहा था कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी की वजह से हुई है।
पुरानी दुश्मनी का खुलासा:
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हत्या 2020 में हुई एक और हत्या का बदला थी। दरअसल, 2020 में जाटौली गांव के इंद्रजीत नाम के एक व्यक्ति की हत्या हुई थी, और उस मामले में मृतक दीपेंद्र का भाई (शिकायतकर्ता रोहित) आरोपी था।

पुलिस की लगातार कार्रवाई:
इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। मानेसर अपराध शाखा की टीम ने 18 अप्रैल 2025 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से 8 आरोपियों (विक्की, हर्ष, विशाल, पुनीत, विपिन, मंथन शर्मा, निखिल और सौरभ) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि पुनीत और विपिन ने गोली चलाई थी, मंथन बाइक लेकर खड़ा था, जबकि बाकी बाहर हथियार लेकर मौजूद थे। हथियार सौरभ ने दिए थे। बाद में पुलिस ने 20 अप्रैल को ऋतिक और 25 अप्रैल को कृष्ण को भी गिरफ्तार किया।
अब, पुलिस अमित कुमार उर्फ शितुल से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी मिल सके। मामले की जांच अभी भी जारी है।











